आज की Life Style देखते हुए ऐसा लगता है कि लोगों ने मानो आराम करना छोड़ ही दिया है जिस कारण से वह अपने आप को हमेशा तनाव में रखते हैं नींद हमारे लिए उतनी ही जरूरी है जितना कि हमारे लिए भोजन जिस तरीके से भोजन से हमारे शरीर को एनर्जी मिलती है उसी तरीके से पर्याप्त नींद से हमारे शरीर को नए दिन की शुरुआत के लिए एनर्जी मिलती है

आज के इस दौर में लोग अपने काम को लेकर इतने सोच में डूबे रहते हैं कि उसे व्यक्ति को पता ही नहीं रहता कि जितना हमारे जीवन के लिए सफल होना जरूरी है उतना ही हमारे शरीर के लिए पर्याप्त नींद लेना भी आवश्यक है अगर आप नींद पर्याप्त मात्रा में नहीं लेते हैं तो आपको कहीं बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है जिसमें से सबसे पहले आता है चिड़चिड़ापन अगर आप ठीक से नींद नहीं निकाल पाते हैं तो आप चिडचिडापन अपने साथ लेकर घूम रहे हैं
सोने का सही Time क्या है
वयस्क व्यक्ति
सामान्यतः हर वह व्यक्ति जो अपने रोजमर्रा की जिंदगी में व्यस्त हैं उसे कम से कम 7 से 9 घंटे की नींद अवश्य लेने चाहिए क्योंकि जब वह नींद लगा तभी उसका शरीर अगले दिन के लिए एनर्जी से भरा होगा और एक व्यस्त आदमी को लगभग 10:00 बजे से 11:00 बजे के बीच में सो जाना चाहिए क्योंकि एक बेस्ट व्यक्ति को भी 7 से 8 घंटे की नींद की आवश्यकता होती है
स्कूल जाने वाले बच्चे
सामान्यतः अगर हम बात करें स्कूल जाने वाले बच्चों की तो वह सुबह-सुबह जल्दी उठकर उनको स्कूल जाना होता है इसीलिए अगर वह रात को जल्दी नहीं सोएंगे तो सुबह जल्दी पर्याप्त समय पर नहीं उठ पाएंगे और बच्चों को कम से कम 8 से 9 घंटे की नींद अवश्य लेना चाहिए इसीलिए स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए कम से कम 8 से 9 घंटा नींद पर्याप्त होती है और उनको लगभग 9:00 बजे से 10:00 के बीच में सो जाना चाहिए क्योंकि विद्यार्थी के जीवन में हर एक दिन ऊर्जा की आवश्यकता होती है अगर वह रात को पर्याप्त नींद नहीं लगा तो अगले दिन के लिए ऊर्जा पर्याप्त नहीं होगी इसलिए विद्यार्थियों को सही सही समय पर सो जाना चाहिए
परी स्कॉलर्स बच्चे
इस श्रेणी में वह बच्चे आते हैं जो पहली कक्षा से पांचवी कक्षा के मध्य में पढ़ते हैं और अगर हम अंदाज की बात करें तो उन बच्चों की उम्र लगभग 5 से 9 वर्ष के बीच में होती है इसीलिए इन बच्चों को कम से कम 10 से 13 घंटे की नींद अवश्य लेनी चाहिए और इन बच्चों को 8:00 बजे से 9:00 बजे के बीच में सो जाना चाहिए जिससे कम से कम उनको उनके शरीर की क्षमता के अनुसार नींद प्राप्त हो सके
विद्यालय के सीनियर बच्चे
इन बच्चों को सामान्यतः स्कूल का और अपनी पढ़ाई को लेकर काफी गहरी चिंता रहती है और इसी के लिए बच्चे लगातार दिन रात मेहनत करते हैं लेकिन मेहनत के चक्कर में अपने शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार से अपने शरीर का ध्यान रखना भी आवश्यक होता है इसीलिए विद्यालय के सीनियर बच्चों को लगभग 7 से 8 घंटे की नींद काफी होती है और इसीलिए इन्हें 9:00 बजे से 11:00 के बीच में सो जाना चाहिए ताकि इस प्रकार से अगले दिन भी लगातार मेहनत करते रहे और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे
शिशु
इस श्रेणी में वह बच्चे आते हैं जो लगभग एक वर्ष की आयु में चल रहे हैं हमें पता है कि शिशु एक बहुत ही नाजुक जीव होता है इनको हम जितना आराम देने की कोशिश करें उतना ही उनके लिए काम होता है इसीलिए डॉक्टर भी कहते हैं कि शिशु को ज्यादा से ज्यादा नींद लेना चाहिए और शिशु को लगभग 12 से 15 घंटे प्रतिदिन नींद निकालनी चाहिए अगर शिशु नींद नहीं निकलेगा तो इससे मानसिक योग्यता पर असर पड़ सकता है इसलिए छोटे शिशुओं को 12 से 15 घंटे की नींद अवश्य लेनी चाहिए छोटे बच्चे जिन्हें हम शिशु कहते हैं उन्हें इस बात के बारे में कोई पता नहीं होता इसलिए हम यही उनका ध्यान रखना होता है और हमारा फर्ज बनता है कि उनको जितनी नींद की जरूरत है उतनी नींद उनको दिला सके