दोस्तों अक्सर आप लोगों ने देखा होगा कि गांव में पुराने समय में लोग जब चने के बीज को बोया जाता है तो उसे वह तोड़ लेते हैं यानी की चने के पौधे के पत्तियों को तोड़कर सुख लेते हैं और जब राजस्थान में या कहीं पर भी गर्मी का टाइम आता है और उसे टाइम पर किसी को अगर लू लग जाती है पेट में कोई दिक्कत होती है तो उसे व्यक्ति को उन पत्तियों की सब्जी बनाकर खिलाई जाती है जिसे उनके पेट पाचन तंत्र सब ठीक हो जाता है तो आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से बताएंगे की देसी दवा के रूप में चने का जो हरा पौधा होता है वह खाने से क्या-क्या फायदा मिलता है अगर राजस्थानी भाषा में उसकी बात करें तो इस पानसी कहते हैं

1). पानसी क्या होती है ?
सबसे पहले हमारे लिए यह जानना अति आवश्यक है कि आखिरकार पानसी क्या होती है अगर आप भारत में निवास करते हैं और भारत में चाय आप किसी भी राज्य में रहते हो आपको चने के बारे में तो पता ही होगा कि की चना कितना लाभदायक होता है उसी प्रकार जो चने का हरा पौधा होता है जब चने के पौधे को बोया जाता है तो उसको 1 से 2 महीने बाद चने की पत्तियों को तोड़ लिया जाता है जिसे हम पानसी कहते हैं
2). चने के हरे पौधे की सब्जी
जिस बारे में हमने आपके ऊपर बताया है की चने का जो पौधा होता है उसकी सब्जी भी बनाई जाती है और उसे सब्जी को राजस्थान में पानसी की सब्जी कहते हैं अगर हम बात करें चने के हरे पौधे की सब्जी की तो इसमें मिर्च बिल्कुल भी नहीं डाली जाती हैं जिससे यह फायदा करती है कि अगर किसी के पेट में दर्द हैं किसी को लू लग जाती हैं तो इन सब में चने की जो पौध होती है उसकी हरी सब्जी काफी लाभदायक होती है
3). खास फायदा
अक्सर आप लोगों ने भारत में रहकर चने की दाल की सब्जी जरूर खाई होगी अलग-अलग प्रकार की दाल की सब्जियां बनाई जाती है लेकिन जब चना 1 से 2 महीने का होता है तो इसकी पत्तियों की सब्जी बनाई जाती है जो स्वस्थ रखने में आपको 100 में से 90 अंक दिलाता है अगर आपको पेट से दिक्कत है या फिर जुलाब लगे हुए हैं या फिर लन लगी हुई है तो इन सब से यह आपको छुटकारा दिलाता है इसलिए चने की सब्जी खाना आपकी सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक माना जाता है काश तौर पर उसे व्यक्ति को जो तेल ज्यादा नमक डायबिटीज जैसी बीमारियों से लड़ रहा है और इन सब का सेवन नहीं कर सकता
NOTE –
अगर आप किसी गांव से विलोम करते हैं तो आपको अच्छे से पता चला होगा की हरे चने की सब्जी कितने फायदेमंद है और किस तरीके से यह हमारे शरीर को फायदे पहुंचना है